मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना
मंत्रिपरिषद निर्णय दिनॉक 09.11.2022 के अनुक्रम में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के लिये शतप्रतिशत राज्य शासन की निधि से मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना संचालित की गई। योजना के तहत हितग्राही मूलक / अनुदान प्रावधानिक कार्यक्रम में सभी वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया। उक्त योजना में निम्नलिखित कार्यक्रम सम्मिलित है:-
1- ग्रामीण तालाबों में मत्स्य बीज सवर्धन / उत्पादन-
कार्यक्रम अन्तर्गत एन.आर.एल.एम.स्व सहायता समूह एवं मछुआ सहकारी समिति के द्वारा मत्स्य बीज संवर्धन / उत्पादन कार्य किया जा सकता है। इसकी इकाई लागत राशि रूपये 2.00 लाख प्रति हेक्टेयर निर्धारित है, उस पर 40 प्रतिशत अनुदान राशि रूपये 0.80 लाख डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही को प्रदान की जाती है, योजना में प्रति हितग्राही 1 हेक्टेयर में अनुदान की पात्रता है, जबकि समिति / समूह की स्थिति में अधिकतम 2 हेक्टेयर जलक्षेत्र में अनुदान की पात्रता है।
2- ग्रामीण तालाबों में झींगा पालन-
कार्यक्रम अंतर्गत एन.आर.एल.एम. स्व-सहायता समूह मछुआ समूह एवं मछुआ सहकारिता समिति के द्वारा झींगा पालन का कार्य किया जा सकता है। इस हेतु इकाई लागत राशि रूपये 4.00 लाख प्रति हेक्टेयर निर्धारित है, उस पर 40 प्रतिशत अनुदान राशि रूपये 1.60 लाख डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही को प्रदान की जाती है। योजना में प्रति हितग्राही 1 हेक्टेयर मे अनुदान की पात्रता है, जबकि समिति / समूह की स्थिति में अधिकतम 2 हेक्टेयर जलक्षेत्र में अनुदान की पात्रता है।
3- मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण-
कार्यक्रम अन्तर्गत मत्स्य पालकों को मत्स्यबीज उत्पादन / मत्स्य/ झींगा उत्पादन की उन्न्त तकनीक का 3 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इस हेतु प्रति प्रशिक्षणार्थी राशि रूपये 2700/- प्रावधानित है जिसमें प्रशिक्षणार्थी को निवास स्थान से प्रशिक्षण स्थल तक एक बार आने जाने का वास्तविक किराया, प्रशिक्षण अवधि में स्वल्पाहार एवं भोजन आदि की व्यवस्था में व्यय किए जाने का प्रावधान है।
4- किसान क्रेडिट कार्ड ब्याज अनुदान-
कार्यक्रम अन्तर्गत सभी वर्ग के मत्स्य कृषकों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कार्यशील पूँजी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
5- स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना
कार्यक्रम अन्तर्गत प्रदेश में मछली व्यवसायियों तथा उपभोक्ताओ को हाइजेनिक कंडीशन में मछली क्रय एवं विक्रय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना किए जाने का प्रावधान है। योजना में स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना हेतु इकाई लागत रूपये 5.00 लाख प्रावधानित है जिसका क्रियान्वयन नगरीय निकायों के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है।
6- एकीकृत सूचना प्रणाली
कार्यक्रम अंतर्गत विभाग की कल्याणकारी योजनाओ के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु एकीकृत सूचना प्रणाली विकसित किए जाने का प्रावधान है जिसके माध्यम से विकसित पोर्टल में तालाब की फोटो, हितग्राही द्वारा किए जाने वाले कार्यों विभिन्न योजनाओ से प्राप्त लाभ एवं तालाब से प्राप्त होने वाले मत्स्योत्पादन/लाभ/आय आदि का विवरण दर्शाने का प्रावधान है।
7- राज्य मछली महाशीर का संरक्षण
कार्यक्रम अंतर्गत विलुप्त हो रही राज्य मछली महाशीर के संरक्षण हेतु मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ के माध्यम से महाशीर उत्पादन / अनुसंधान केन्द्र स्थापित किए जाने का प्रावधान है जिसके माध्यम से सर्वप्रथम प्राकृतिक स्त्रोतो से महाशीर प्रजाति के मत्स्यबीज एवं प्रजनको का संग्रहण प्रक्षेत्रो पर इनका संवर्धन करते हुए प्रजनक भंडारण, तीन वर्ष की आयु होने पर प्रजनकों से प्रजनन, उत्पादित मत्स्यबीज का नियंत्रित अवस्था में संवर्धन, संचय योग्य आकार विकसित होने पर जलाशयों एवं नर्मदा नदी में संचयन, मत्स्योद्योग की उन्नत तकनीक से मछुओं को प्रशिक्षित करना आदि कार्य किया जाना प्रावधानित है।
